झाबुआ। नवागत कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा चिकित्सकों की विस्तृत बैठक लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अस्पताल की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधन, सेवाओं की गुणवत्ता एवं मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला अस्पताल के समग्र उन्नयन हेतु एक व्यवहारिक एवं विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया जाए, जिसमें आधारभूत संरचना, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा मानव संसाधन की आवश्यकताओं को शामिल किया जाए। उन्होंने अस्पताल में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने एवं सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से पूर्णतः डिजिटाइज करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में कलेक्टर ने चिकित्सकों को सेवा भाव एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की समझाइश दी। उन्होंने ड्यूटी राउंड के लिए समयबद्ध प्रोटोकॉल निर्धारित करने तथा मरीजों के डायग्नोसिस नोट्स को मानक प्रारूप में दर्ज करने के निर्देश दिए, जिससे उपचार प्रक्रिया में स्पष्टता बनी रहे।
कलेक्टर ने अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ ही साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए डिजिटाइज्ड टोकन प्रणाली लागू करने की बात कही, ताकि भीड़-भाड़ एवं अव्यवस्था को रोका जा सके।
इसके अतिरिक्त दवाओं के भंडारण एवं वितरण प्रणाली को भी डिजिटाइज करने के निर्देश दिए गए, जिससे दवाओं की उपलब्धता एवं निगरानी बेहतर हो सके। साथ ही अस्पताल से रेफरल की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि अनावश्यक रेफरल में कमी लाई जा सके।
कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने चिकित्सकों से संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने और त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरान सहायक कलेक्टर आशीष कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एस. बघेल सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।