नीमच। मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव की मांग उठने लगी है। जिले में भी गर्मी ने तेज असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है।
अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति के जिला अध्यक्ष दिलीप छाजेड़ ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी सुजानमाल मागरिया को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से स्कूल नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं, जिनमें छोटे और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से यह जानकारी सामने आई है कि कई स्कूलों में पीने के पानी और पर्याप्त हवा (वेंटिलेशन) जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में भीषण गर्मी बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
छाजेड़ ने प्रशासन से मांग की है कि जिस तरह प्रदेश के अन्य जिलों में गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है, उसी प्रकार नीमच जिले में भी तत्काल प्रभाव से समय परिवर्तन किया जाए।
उन्होंने जिला कलेक्टर से भी अपील की है कि बच्चों के हित में इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय लिया जाए।