नीमच। जिले में किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी रास्ता विवाद एवं अतिक्रमण संबंधी प्रकरणों का 15 जून के पूर्व अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए, ताकि किसी भी किसान को खेत तक पहुंचने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर चंद्रा गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में एडीएम बीएस कलेश, एसडीएम नीमच, जावद, मनासा सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
किसानों के रास्ते बाधित नहीं होने चाहिए-
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसानों के खेतों तक आने-जाने का मार्ग अवरुद्ध नहीं रहना चाहिए। सभी लंबित रास्ता विवादों और अतिक्रमण मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जल संरचनाओं का राजस्व रिकॉर्ड में दर्जीकरण के निर्देश-
बैठक में कलेक्टर ने जनपद पंचायतों से जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत निर्मित जल संरचनाओं एवं जल स्रोतों की सूची प्राप्त कर उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के निर्देश भी दिए।
फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी पर जोर-
कलेक्टर ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को समय पर मिल सके, इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक पटवारी प्रतिदिन कम से कम 20 फार्मर आईडी एवं ई-केवाईसी कार्य पूर्ण करें। साथ ही एक माह में 30 हजार फार्मर आईडी और ई-केवाईसी का लक्ष्य निर्धारित कर उसे पूरा करने के निर्देश दिए गए।
अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा-
बैठक में सीमांकन प्रकरणों, अवैध कब्जों, नामांतरण, बंटवारा, नक्शा तरमीम, भू-अर्जन प्रकरणों सहित अन्य राजस्व मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने एवं कार्यों में पारदर्शिता एवं गति लाने के निर्देश दिए।