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April 17, 2026, 10:58 am
KHABAR : एमपी में अब गिरफ्तारी से पहले पुलिस को बताने होंगे कारण, पुलिस मुख्यालय ने जारी किए निर्देश, ऐसा नहीं करने पर होगी कार्रवाई, पढे़ खबर 

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भोपाल। मध्यप्रदेश में अब गिरफ्तारी से पहले पुलिस को कारण बताने होंगे। पुलिस मुख्यालय ने यह निर्देश जारी किए है। गिरफ्तार के 2 घंटे पहले पुलिस गिरफ्तारी के कारण लिखित में बताएगी। ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। निर्देश में नवंबर 2025 में एक अपराधिक अपील बनाम स्टेट ऑफ महाराष्ट्र और अन्य के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला दिया गया है।


कारणों को जानने का अधिकार मौलिक
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों को जानने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है, इस अधिकार के संरक्षण के लिए न्यायालय ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। इसी को लेकर पुलिस मुख्‍यालय ने सर्कुलर जारी किया है।


मौखिक जानकारी को पर्याप्त नहीं
पुलिस मुख्यालय के जारी निर्देश के अनुसार के अनुसार, पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी के ठोस कारणों को लिखित रूप में गिरफ्तार व्‍यक्ति को देना अनिवार्य किया गया है, केवल मौखिक जानकारी को पर्याप्त नहीं माना जाएगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि गिरफ्तारी के आधार स्‍थानीय भाषा अथवा ऐसी भाषा में लिखे जाएं, जिसे गिरफ्तार व्यक्ति भली-भांति समझ सके।


धारा 47 के प्रावधानों का भी उल्लेख
निर्देशों में यह भी कहा गया है की लिखित जानकारी गिरफ्तारी के समय अथवा अभियुक्त को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने से कम से कम दो घंटे पूर्व उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, अभियुक्त को लिखित आधार प्रदान किए जाने की जानकारी को गिरफ्तारी पंचनामा अथवा संबंधित अभिलेख में विधिवत दर्ज किया जाना भी अनिवार्य होगा। इस संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (ठछैै) 2023 की धारा 47 के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।


दिशा-निर्देशों का पालन
परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि उक्त निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो गिरफ्तारी को अवैध घोषित किया जा सकता है। साथ ही संबंधित अधिकारी के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना अथवा विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है और अभियुक्त को तत्काल रिहाई का अधिकार प्राप्त हो सकता है। पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सख्ती से सुनिश्चित कराएं।

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