उज्जैन। तराना नगर परिषद द्वारा प्रस्तावित 06 मीटर सड़क चौड़ीकरण योजना के विरोध में क्षेत्र के नागरिकों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की है। स्थानीय रहवासियों एवं व्यापारियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र मेहता को आवेदन सौंपकर चौड़ीकरण को 06 मीटर के बजाय 05 मीटर किए जाने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर परिषद तराना द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इस संबंध में प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को नोटिस जारी कर 06 मीटर तक सड़क चौड़ीकरण तथा कथित अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके मकान एवं दुकानें किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण के अंतर्गत नहीं आती हैं, बल्कि ये निर्माण वर्षों पूर्व उनके पूर्वजों, दादा-दादी एवं माता-पिता के समय से ही वैध रूप से बने हुए हैं। इन परिसरों पर ही वर्तमान में कई परिवारों का जीवनयापन निर्भर है। नागरिकों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि कई मकान अत्यंत सीमित क्षेत्र में निर्मित हैं। यदि 06 मीटर तक चौड़ीकरण किया जाता है, तो अनेक परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो जाएगा और उनके पास रहने के लिए पर्याप्त स्थान भी शेष नहीं बचेगा। इससे आर्थिक स्तर पर गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आवेदन में नागरिकों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे नगर परिषद की जनहितकारी योजनाओं के विरोध में नहीं हैं और विकास कार्यों में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। लेकिन उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि उनकी वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। नागरिकों ने मांग की है कि प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को 06 मीटर के स्थान पर 05 मीटर किया जाए, ताकि एक ओर यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके और दूसरी ओर आमजन को अत्यधिक नुकसान से बचाया जा सके। वहीं सीएमओ वीरेंद्र मेहता ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मामले पर उचित विचार करने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या निर्णय लेता है।