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April 17, 2026, 5:14 pm
NEWS : राम नाम की महिमा से गूंजा शंभूपुरा, कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, संत दिग्विजय राम ने कहा- कथा से जीवन में बदलाव लाना ही सच्ची साधना, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

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चित्तौड़गढ़। जिले के शंभूपुरा में श्याम रंगीला बजरंग मित्र मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘नानी बाई का मायरा’ कथा के द्वितीय दिवस संत दिग्विजय राम ने व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को अमृतमय प्रवचन दिए।

संत ने कहा कि राम नाम का स्मरण जीवन को सही दिशा देता है और व्यक्ति को संकटों से पार लगाता है। उन्होंने कहा कि कथाएं केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में परिवर्तन लाने के लिए होती हैं। यदि कथा से व्यवहार में सुधार नहीं आता, तो उसका सुनना सार्थक नहीं माना जा सकता।

उन्होंने भारतीय संस्कृति में ‘राम-राम’ से अभिवादन की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पाश्चात्य प्रभाव के कारण हमारी संस्कृति प्रभावित हो रही है। संत ने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक चिंतन रखना चाहिए और शब्दों का प्रयोग सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि शब्द ही व्यक्ति को दिल में स्थान दिलाते हैं और शब्द ही उसे दूर भी कर देते हैं।

संत दिग्विजय राम ने भक्त नरसी मेहता की भक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से भगवान स्वयं भक्त की सहायता करते हैं। कथा प्रसंग में ‘नानी बाई का मायरा’ का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान का स्मरण ही सहारा बनता है।

भजन ‘जगन्नाथ-जगन्नाथ’ की प्रस्तुति पर पूरा पांडाल भक्ति भाव में झूम उठा। संत ने कहा कि व्यक्ति को भगवान पर विश्वास रखते हुए अपने कर्म करते रहना चाहिए।

इस अवसर पर गोभक्त पंडित राधेश्याम सुखवाल का आगमन हुआ, जिनका श्याम रंगीला बजरंग मित्र मंडल द्वारा स्वागत किया गया।

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