दतिया। प्रशासनिक लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले एसआईआर (एसआईआर) के काम के दौरान व्यवस्थाओं में खामियां देखने को मिली थीं, अब वैसी ही गैर-जिम्मेदारी जनगणना ट्रेनिंग के दौरान भी सामने आई है।
यहां शुक्रवार को सिविल लाइन स्कूल में चल रही ट्रेनिंग में कर्मचारियों के पीने के पानी के कैंपर में मरा हुआ मेंढक मिला है। कैंपर का ढक्कन खुला हुआ था, उसके अंदर गंदगी साफ दिखाई दे रही थी।
कर्मचारियों में फूटा गुस्सा, किसी ने नहीं पिया पानी
इस भीषण गर्मी में स्वास्थ्य के साथ हुए इस खिलवाड़ ने कर्मचारियों के गुस्से को भड़का दिया है। उनका कहना था कि इतनी गंदगी देखने के बाद किसी ने भी उस पानी को पीने की हिम्मत नहीं की। कर्मचारियों ने इसे सीधे तौर पर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ बताया।
बुनियादी सुविधाओं की कमी पर उठाए सवाल
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनसे पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करवाना चाहता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर गंभीर कमी है। उनका कहना है कि न तो समय पर भोजन मिल रहा है और न ही साफ पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
गर्मी में गंदा पानी, स्वास्थ्य पर खतरा
इस भीषण गर्मी में गंदा और संक्रमित पानी उपलब्ध कराना कर्मचारियों के लिए खतरे से कम नहीं है। कर्मचारियों ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है और यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मरे हुए मेंढक की तस्वीरें खींचीं और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजीं। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत भी दर्ज कराई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर, विभाग की किरकिरी
घटना की तस्वीर कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इसके बाद विभाग की जमकर आलोचना होने लगी और व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे। इस घटना ने यह साफ कर दिया कि बड़े स्तर पर योजनाएं बनाने के बावजूद जमीनी स्तर पर निगरानी और व्यवस्था में कमी है। कर्मचारियों ने मांग की है कि ऐसी लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो।