चित्तौड़गढ़। जिला पुलिस चित्तौड़गढ़ द्वारा ऑपरेशन ‘त्रिनेत्र’ के तहत जब्त एवं लावारिस वाहनों की सार्वजनिक खुली नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इस नीलामी में कुल 164 वाहनों को शामिल किया गया, जिससे सरकारी राजकोष को 85 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
नीलामी में मादक पदार्थ तस्करी में जब्त 26 वाहन एवं पुलिस अधिनियम के अंतर्गत जब्त 138 वाहन शामिल थे। संपूर्ण प्रक्रिया सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक बोली के माध्यम से आयोजित की गई।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस थानों एवं चौकियों में लंबे समय से खड़े लावारिस एवं अनुपयोगी दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया वाहनों का विधिसम्मत निस्तारण इस नीलामी के माध्यम से किया गया। नीलामी से पूर्व वाहनों की सूची सार्वजनिक कर इच्छुक बोलीदाताओं को निरीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
शुक्रवार को निम्बाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट टाउन हॉल में आयोजित इस नीलामी में बड़ी संख्या में आमजन एवं कबाड़ व्यवसायियों ने भाग लिया। खुली बोली प्रक्रिया के तहत प्रत्येक वाहन को उच्चतम बोलीदाता को नीलाम किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सरिता सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई से पुलिस परिसरों में वर्षों से खड़े वाहनों का स्थायी समाधान हुआ है, जिससे स्थान की समस्या दूर होने के साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित हुई है। साथ ही पर्यावरण एवं सुरक्षा संबंधी समस्याओं से भी राहत मिली है।
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की नीलामी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ नियमित रूप से जारी रहेगी।
इस अवसर पर एडीएम (भू-अवाप्ति) रामचंद्र खटीक, एएसपी सरिता सिंह, उपकोष कार्यालय निम्बाहेड़ा के कैलाश भराडिया, परिवहन विभाग उप निरीक्षक हरगोविंद, पुलिस निरीक्षक जोधाराम गुर्जर सहित अन्य अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।