देवास। पूर्व दिशा के प्रमुख तीर्थ जगन्नाथ पुरी की पावन यात्रा कर लौटे देवास, इंदौर और शिप्रा क्षेत्र के करीब 200 श्रद्धालुओं का शहर में भावपूर्ण और भव्य स्वागत किया गया। जैसे ही श्रद्धालु देवास रेलवे स्टेशन पहुंचे, पूरा माहौल भक्तिमय जयकारों और स्वागत के उत्साह से गूंज उठा।
तीर्थयात्री सौदान सिंह परिहार ने बताया कि 7 अप्रैल से 17 अप्रैल तक चली इस आध्यात्मिक यात्रा में श्रद्धालुओं ने पूरे समर्पण और आस्था के साथ भाग लिया। यात्रा के दौरान 9 अप्रैल से 15 अप्रैल तक आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में प्रसिद्ध कथावाचक अर्चना दीदी के मधुर और ओजस्वी प्रवचनों ने सभी को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। उनके शब्दों ने श्रद्धालुओं के हृदय में श्रद्धा और भक्ति की अलख जगा दी।
जब यह भक्तिमय यात्रा पूर्ण कर श्रद्धालु देवास लौटे, तो रेलवे स्टेशन पर उनका आत्मीय स्वागत पुष्पमालाओं, तिलक और जयकारों के साथ किया गया। इस दौरान पूरे वातावरण में “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी नारे गूंजते रहे, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा।
श्रद्धालुओं ने बताया कि एक धाम जगन्नाथ पुरी के दर्शन कर उन्होंने अपने जीवन को धन्य महसूस किया। इस यात्रा ने न केवल उन्हें आध्यात्मिक शांति प्रदान की, बल्कि आपसी प्रेम, एकता और भक्ति का भी अद्भुत संदेश दिया।
पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी, अनुशासन और उत्कृष्ट संयोजन ने इस यात्रा को यादगार बना दिया। यह आयोजन शहर में श्रद्धा, भक्ति और सामूहिक एकजुटता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।