खरगोन जिले के मण्डलेश्वर क्षेत्र में बड़वाह-धामनोद नवीन राजमार्ग (क्रमांक 36) के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों और प्रशासन के बीच हुई अहम बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। किसानों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे जमीन पर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं होने देंगे।
भारतीय किसान संघ के संभाग अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह राठौर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। किसानों का कहना है कि उन्हें विकास कार्यों से कोई आपत्ति नहीं, लेकिन उनकी उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण पुराने और कम दरों पर करना अन्याय है। उनका आरोप है कि वर्ष 2008 से 2026 तक गाइडलाइन दरों में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई, जबकि बाजार मूल्य काफी बढ़ चुका है।
बैठक में तहसीलदार कैलाश ससत्या, सब-रजिस्ट्रार गरिमा और नायब तहसीलदार संजय बावेल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन किसानों के कड़े रुख के चलते कोई सहमति नहीं बन सकी। किसानों ने दो टूक कहा कि वर्तमान दरों पर वे अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं और पहले मुआवजा निर्धारण स्पष्ट किया जाए।
एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने किसानों को समझाते हुए कहा कि फिलहाल केवल सीमांकन की प्रक्रिया की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि किसकी कितनी जमीन अधिग्रहण में आएगी और पुराने रिकॉर्ड की त्रुटियां सुधरेंगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें समय लगेगा।
किसानों की प्रमुख मांगें:
गाइडलाइन दरों में 300 से 400 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
नान्द्रा, कुंभ्या, बोथ्यापुर और पथराड़ गांवों की दरें पड़ोसी गांवों के बराबर करना
डायवर्जन हो चुकी जमीन को डायवर्टेड मानकर मुआवजा देना
सड़क की ऊंचाई जमीन स्तर के बराबर रखना
सड़क किनारे दीवार/बैरिकेडिंग न करना
किसी भी समझौते को कलेक्टर द्वारा लिखित रूप में स्वीकार करना
बैठक भले ही बेनतीजा रही हो, लेकिन किसानों का रुख साफ है कि उचित मुआवजा और शर्तें पूरी हुए बिना वे अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। इससे आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।