पोलायकला। महिला बाल विकास विभाग परियोजना पोलायकलां मे पोषण पखवाड़े के अंतर्गत ग्रामीण सेक्टर की आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 2 मोरटा केवडी पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में सेक्टर सुपरवाइजर नीलम दांगी ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए संतुलित आहार के महत्व, कुपोषण के दुष्परिणाम बाल विवाह तथा उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओं के लिए पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक है। सही समय पर सही पोषण मिलने से न केवल शारीरिक विकास बेहतर होता है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव संभव है। साथ ही उन्होंने स्वच्छता, आयरन एवं फोलिक एसिड के सेवन, टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को घर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री से संतुलित भोजन तैयार करने के आसान तरीकों की जानकारी दी गई। इसके अलावा बच्चों के समुचित विकास, पूरक आहार एवं दैनिक खानपान में विविधता बनाए रखने पर भी चर्चा कर बाल विवाह के बारे मे भी समझाइश दी गई इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक कविता ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पोषण पखवाड़ा का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पोषण संबंधी जानकारी पहुंचाना है, ताकि कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सोदरा दांगी, संगीता ममोरिया, सहायिका यशोधरा मालवीय, बबीता मालवीय संगीता मालवीय बबीता मालवीय सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने इस कार्यक्रम को लाभदायक बताते हुए पोषण से जुड़ी जानकारियों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।पूरे आयोजन के दौरान जागरूकता और सहभागिता का उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।