भोपाल। प्रदेश भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे। उनके साथ भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री कृष्णा गौर, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे, विधायक अर्चना चिटनिस और मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल मौजूद है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि संसद में देश की आधी आबादी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय था, जिसे विपक्ष, राहुल गांधी और उनके सहयोगियों ने यह बता दिया कि उनकी मानसिकता महिला विरोधी है।
मैं समझता हूं कि कांग्रेस का जो जश्न था, वह एक तरह से हमारी बहनों का अपमान था। आप सबको विदित है कि पिछले कई सालों से सभी दल किसी न किसी रूप में यह चाहते थे कि महिला आरक्षण लागू हो, लेकिन जब इसे लागू करने का विषय आया तो विपक्ष का असली चेहरा उजागर हो गया।
श्विपक्ष ने बिल को नहीं दिया समर्थनश्
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 16 और 17 अप्रैल को संसद में चर्चा में आया। 16 अप्रैल को सभी ने अपने-अपने विचार रखे और 17 अप्रैल को चर्चा के बाद इस बिल को पारित कर लागू किया जाना था, लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विपक्ष ने विरोध किया। 70 साल से देश की नारी अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रही थी और 33ः आरक्षण की मांग कर रही थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह लगातार प्रयास कर रहे थे कि महिलाओं को उनका अधिकार मिले। लेकिन जब 2023 में यह बिल संसद में आया तो विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से समर्थन किया, क्योंकि इसके बाद लोकसभा चुनाव थे। जब इसे लागू करने की बात आई तो विपक्ष ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती थी कि सभी दल मिलकर इस बिल को लागू करें, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध किया।