सरवानिया महाराज। नगर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। गढ़बोर के श्यामसुंदर श्री चारभुजा नाथ (सलिगराम जी) 21 अप्रैल को माता तुलसी (वृंदा) के साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे। इस अवसर पर नगरवासी बाराती बनकर इस दिव्य विवाह का हिस्सा बनेंगे। वर निकासी 21 अप्रैल मंगलवार को सुबह 8 बजे होगी, जिसके बाद बारात ग्राम बांगरेड़ के लिए रवाना होगी।
इससे पूर्व शनिवार शाम 18 अप्रैल को शहनाई की गूंज के बीच चाक पूजन एवं कुंभ स्थापना के साथ मंगल विवाह की विधिवत शुरुआत की गई। कुंभ स्थापना एवं चाक पूजन लाभार्थी प्रेमलता अनिल कुमार राठौर द्वारा किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजपुरोहित चंद्रनारायण पालीवाल ने गणपति स्थापना करवाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने मंगल गीतों के साथ आयोजन को भक्तिमय बना दिया।
बिंदोरी एवं विवाह आयोजन-
20 अप्रैल की शाम 7 बजे श्री चारभुजा मंदिर से दूल्हा बने नाथ की बिंदोरी बैण्ड-बाजों एवं ढोल-नगाड़ों के साथ नगर में निकाली जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नृत्य करते हुए शामिल होंगे। 21 अप्रैल को माता तुलसी (वृंदा) के साथ दिव्य विवाह संपन्न होगा।
मंगल विवाह की तैयारियां श्री चारभुजा मंदिर समिति एवं सकल नगरवासी सरवानिया महाराज द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं। आयोजन में घराती पक्ष की ओर से कमलाबाई शर्मा, कैलाशचंद्र, मुरलीधर, हेमंत, पुष्कर एवं पंडित कुलदीप शर्मा (ग्राम बांगरेड़) सहित कई लोग सहयोग कर रहे हैं।