दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया में डॉ. हेमंत कुमार जैन क्लीनिक में आयोजित निःशुल्क परामर्श एवं फाइब्रोस्कैन जांच शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न।शिविर में कुल 67 मरीजों ने जांच और स्वास्थ्य परामर्श का लाभ उठाया।डॉ. हेमंत कुमार जैन ने बताया कि फैटी लिवर आज केवल शराब सेवन से जुड़ी बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि अनियमित जीवनशैली, मोटापा, मधुमेह, अधिक तैलीय भोजन, व्यायाम की कमी और तनाव के कारण भी बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। हाल ही में प्रकाशित खबर में यह भी सामने आया है कि चौंकाने वाली बात यह है कि अब फैटी लिवर का असर सिर्फ लिवर तक सीमित नहीं रहकर शरीर के अन्य अंगों और चयापचय तंत्र पर भी पड़ रहा है।विश्व लिवर दिवस पर आयोजित इस शिविर का उद्देश्य लोगों को समय रहते जांच, सही खानपान और जीवनशैली सुधार के प्रति प्रेरित करना रहा, ताकि गंभीर जटिलताओं से पहले ही रोग की पहचान हो सके।यह निःशुल्क पैथोलॉजी शिविर रविवार 19 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया गया था।शिविर का आयोजन डॉ. हेमंत कुमार जैन, एम.बी.बी.एस., एम.डी. मेडिसिन, सह प्राध्यापक, चिकित्सा विभाग, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया द्वारा किया गया।शिविर में मरीजों की विभिन्न आवश्यक जांचों के साथ परामर्श भी दिया गया, ताकि फैटी लिवर, शुगर, लिपिड प्रोफाइल और अन्य संबंधित समस्याओं कीशुरुआती पहचान की जा सके। आयोजन स्थल डॉ. हेमंत जैन क्लिनिक, आश्रम हनुमान गढ़ी के पास, दतिया रहा।जागरूकता का संदेश,,,विश्व लिवर दिवस हर वर्ष इस बात की याद दिलाता है कि लिवर की बीमारियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। फैटी लिवर अक्सर बिना लक्षण के बढ़ता है और बाद में गंभीर लिवर रोग, सूजन, फाइब्रोसिस या सिरोसिस का कारण बन सकता है।ऐसे शिविर न केवल जांच की सुविधा देते हैं, बल्कि आम जनता को यह संदेश भी देते हैं कि समय पर स्क्रीनिंग, वजन नियंत्रण, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।