नीमच। जिले में विद्युत पारेषण लाइन के निर्माण कार्य को लेकर जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने आमजन से अपील की है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न पहुंचाएं, अन्यथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (MPPTCL), रतलाम द्वारा मेसर्स गोल्डक्रेस्ट सीमेंट प्रा.लि., सगराना के लिए 132 केवी विद्युत लाइन का नवीनीकरण एवं विस्तार कार्य किया जा रहा है। यह लाइन 220 केवी उपकेंद्र नीमच से प्रारंभ होकर विभिन्न गांवों से होते हुए सगराना तक जाएगी।
कलेक्टर ने जानकारी दी कि भारत सरकार के विद्युत अधिनियम, 2003 एवं भारतीय तार अधिनियम, 1885 के तहत MPPTCL को विद्युत लाइन बिछाने एवं रखरखाव का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
200% तक मिलेगा मुआवजा
कलेक्टर ने बताया कि टावर निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा, बल्कि उपयोग में ली गई भूमि के प्रचलित बाजार मूल्य का 200 प्रतिशत तक मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, विद्युत लाइन के कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाली भूमि के लिए 30 प्रतिशत तक क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित की गई है। भूमि का स्वामित्व यथावत मालिक के नाम ही रहेगा।
फसल और संपत्ति नुकसान का भी मिलेगा प्रतिकर-
लाइन निर्माण के दौरान यदि किसी किसान की फसल, मकान या वृक्ष को नुकसान होता है, तो उसका मूल्यांकन कर संबंधितों को प्रतिकर राशि प्रदान की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्युत लाइन के निर्धारित कॉरिडोर में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहेगा। विशेष परिस्थितियों में अनुमति के लिए सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति लेना आवश्यक होगा। जिला प्रशासन ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सुचारू रूप से पूर्ण कराने के लिए आमजन से सहयोग की अपील की है।