चित्तौड़गढ़। जिले में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 18 व 19 अप्रैल को चलाए गए दो दिवसीय विशेष पाइपलाइन लीकेज एवं हैंडपंप सुधार अभियान के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने व्यापक स्तर पर कार्यवाही की। अभियान के दौरान जिले के 11 उपखंडों के 56 गांवों में पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत और हैंडपंप सुधार कार्य प्राथमिकता से किए गए।
जिला कलेक्टर, जिला परिषद सीईओ, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सहित सभी उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों व विभागीय अधिकारियों ने गांवों का दौरा कर जमीनी स्तर पर कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान समर कंटीजेंसी प्लान, जल जीवन मिशन (JJM) एवं अमृत 2.0 योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
शहर स्थित 15 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण कर जल शुद्धिकरण व वितरण व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
इस दौरान सेगवा हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति में अनियमितता की शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने संबंधित सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ लापरवाही पर चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को फील्ड में सतत मॉनिटरिंग करते हुए समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अभियान से जिले की पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।