BREAKING NEWS
KHABAR : खलटाका पुलिस चौकी पर आठ जब्त बाइकों की.. <<     KHABAR : अवैध गौवंश परिवहन करते सुपर कैरी टेम्पो.. <<     VIDEO NEWS: खरगोन की जवाहर कॉटन मिल की नीलामी के.. <<     KHABAR : वित्तीय साक्षरता शिविर में ग्रामीणों को.. <<     KHABAR : जवाहर कॉटन मिल की एक साथ नीलामी और राशि.. <<     BIG NEWS : 51 हजार दीपों से जगमगाया पशुपतिनाथ लोक.. <<     KHABAR : खेल मैदान की मांग को लेकर छात्र आंदोलन.. <<     VIDEO NEWS: खरगोन के अदलपुरा में लाखों की चोरी, 20 दिन.. <<     BIG NEWS : आखिर किसके इशारों पर बनी सूची, पंचायत में.. <<     BIG NEWS : नीमच के नए रक्षित निरीक्षक अजय सिंह.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ के अवकाशागार में हिट एंड रन जिला.. <<     KHABAR : चंद्रनगर ग्राम की स्थापना के 100 वर्ष पूरे,.. <<     KHABAR : पत्नी से परेशान पति ने एसपी से लगाई.. <<     KHABAR : लेह में पदस्थ भौंती निवासी आईटीबीपी के.. <<     VIDEO NEWS : लेह में तैनात ITBP जवान नीरज शर्मा का.. <<     VIDEO NEWS : भादवी छठ पर भाटखेड़ी में भव्य जुलूस,.. <<     BIG NEWS : नीमच लॉयंस क्लब को मिला 58वां देहदान,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
April 20, 2026, 11:49 am
KHABAR : आस्था का अद्भुत संगम, नीमच में 14 माह की साधना के बाद 95 तपस्वियों ने पूर्ण किया वर्षीतप, भव्य पारणा महोत्सव आयोजित, वर्षीतप पूर्णता पर निकला भव्य वरघोड़ा, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। जैन धर्म की महान तप परंपरा का अनुपम उदाहरण ‘वर्षीतप’ इस वर्ष नीमच श्रीसंघ में अद्भुत आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर 95 तपस्वियों ने 14 माह की कठोर साधना पूर्ण कर समाज को संयम और आत्मशुद्धि का प्रेरणादायक संदेश दिया।

जैन मान्यता के अनुसार वर्तमान अवसर्पिणी काल के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की तपस्या से प्रेरित यह व्रत संयम, धैर्य और आत्मशुद्धि का सर्वाेच्च प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान आदिनाथ को बारह घड़ी के अंतराय के कारण 14 माह तक आहार ग्रहण नहीं हुआ था, जिसे कर्म निर्जरा की चरम साधना माना जाता है। इसी परंपरा के अनुकरण में वर्षीतप किया जाता है, जिसमें एक दिन उपवास और एक दिन ब्यासना का क्रम निरंतर 14 माह तक चलता है।

इस ऐतिहासिक तप पूर्णता के उपलक्ष्य में नीमच में भव्य आयोजन किया गया। जैन भवन से प्रारंभ हुआ विशाल वरघोड़ा शहर के प्रमुख मार्गों- महेश सर्कल, कमल चौक, फव्वारा चौक, बारादरी, नया बाजार, घंटाघर और पुस्तक बाजार से होता हुआ मिडिल स्कूल ग्राउंड पहुंचा, जहां यह विराट धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। पूरे शहर में “आदिनाथ प्रभु की जय” के जयघोष गूंजते रहे।

वरघोड़े की भव्यता देखते ही बनती थी। 50 से अधिक सुसज्जित बग्गियां, बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों की गूंज और हाथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

धर्मसभा के पश्चात पारणा महोत्सव आयोजित हुआ, जिसमें तपस्वियों ने गन्ने के रस से पारणा कर अपनी कठिन साधना का समापन किया। इस अवसर पर देशभर से तपस्वियों के परिजन और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे आयोजन राष्ट्रीय स्वरूप लेता नजर आया।

उल्लेखनीय है कि चार साधु-साध्वी भगवंतों की वर्षीतप साधना अभी भी सतत जारी है, जो समाज को संयम, त्याग और आत्मकल्याण का संदेश दे रही है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE