नीमच। नारीशक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में नगर परिषद मनासा के वार्ड क्रमांक 02 की पार्षद Anusuiya Dinesh Rathore ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि नारीशक्ति वंदन संशोधन बिल का विरोध करना राजनीतिक संकीर्णता का परिचायक है और यह देश की करोड़ों महिलाओं के सम्मान का अपमान है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह बिल महिलाओं को नीति-निर्धारण और विधायी प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
राठौर ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने वर्षों तक महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन जब उन्हें वास्तविक अधिकार और आरक्षण देने की बात आई, तो हमेशा बाधाएं उत्पन्न कीं।
बयान के मुख्य बिंदु:
बिल का विरोध महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति गंभीरता की कमी दर्शाता है
नारीशक्ति वंदन अधिनियम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का नया युग शुरू होगा
देश की जागरूक महिलाएं आगामी चुनावों में इसका जवाब देंगी
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को अब केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण में बराबर की भागीदार हैं। यह बिल उन्हें वह अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई महिला संगठनों ने भी उनके रुख का समर्थन करते हुए कहा कि इस बिल के लागू होने से पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की आवाज और मजबूत होगी।
अंत में उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए, ताकि आधी आबादी को उनका उचित अधिकार मिल सके।