चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक बैंक अध्यक्ष डॉ. आई.एम. सेठिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए कुल 240 करोड़ रुपये के व्यवसाय तथा 1 करोड़ 10 लाख रुपये के कर पूर्व लाभ को अनुमोदित किया गया।
बैठक में नगर परिषद द्वारा गांधी नगर में प्रधान कार्यालय निर्माण हेतु स्वीकृत नक्शे का भी अनुमोदन किया गया तथा परिषद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आगामी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने का निर्णय लिया गया।
प्रबंध निदेशक वंदना वजीरानी, निदेशक सीए दिनेश सिसोदिया, बालकिशन धूत, वृद्धि चंद कोठारी, राधेश्याम आमेरिया, रणजीत सिंह नाहर, हरीश आहूजा, कल्याणी दीक्षित, सीए दीप्ति सेठिया डाड सहित अन्य सदस्यों की उपस्थिति में हुई बैठक में वित्तीय वर्ष के परिणामों, शाखावार लक्ष्य पूर्ति, ओवरड्यू एवं एनपीए ऋण वसूली की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही रजत जयंती वर्ष में ऋण की ब्याज दरों में की गई कमी को आगामी निर्णय तक यथावत रखने का भी निर्णय लिया गया। वार्षिक खाताबंदी के अंतर्गत सभी आवश्यक प्रावधानों को भी मंजूरी प्रदान की गई।
अध्यक्ष डॉ. सेठिया ने बताया कि नगर परिषद से नक्शा स्वीकृति मिलने के बाद अब प्रधान कार्यालय निर्माण के लिए टेंडर एवं तकनीकी प्रक्रियाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएंगी। बैठक का संचालन प्रबंध निदेशक वंदना वजीरानी ने किया, जबकि आभार निदेशक दिनेश सिसोदिया ने व्यक्त किया।
प्रबंध निदेशक वंदना वजीरानी को डॉक्टरेट उपाधि पर सम्मान-
बैठक के दौरान अध्यक्ष डॉ. सेठिया ने जानकारी दी कि 23 मार्च 2026 को राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर द्वारा बैंक की प्रबंध निदेशक वंदना वजीरानी को “सहकारी बैंक एवं संस्थाओं में महिलाओं की विधिक स्थिति” विषय पर डॉक्टरेट (PhD) की उपाधि प्रदान की गई है।
इस उपलब्धि पर निदेशक मंडल द्वारा वंदना वजीरानी का उपरणा पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रबंधन मंडल सदस्य आदित्य सेठिया, नरेंद्र चोरड़िया, एस.एल. पुंगलिया, अंकिता जैन सहित अन्य सदस्यों ने भी प्रसन्नता व्यक्त की।