टीकमगढ़। महावीर जिनालय में सोमवार को पंचकल्याणक महोत्सव का समापन हो गया। आखिरी दिन मोक्ष कल्याणक की रस्में पूरी की गईं और शहर में गजरथ शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा शहर भक्ति के रंग में डूबा नजर आया।
महोत्सव के समापन पर सुसज्जित हाथियों के साथ भगवान का रथ निकाला गया। यह यात्रा राजेंद्र पार्क के मानस मंच से शुरू होकर ताल दरवाजा, कटरा बाजार और सिंधी धर्मशाला होते हुए वापस महावीर जिनालय पहुंची। रास्ते भर लोगों ने सड़कों पर रंगोलियां सजाईं और जगह-जगह आरती उतारकर भगवान का स्वागत किया।
नेताओं और समाजसेवियों ने टेका मत्था
शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। अस्पताल चौराहे पर पूर्व भाजपा विधायक राकेश गिरी ने सपरिवार आरती की, वहीं ताल दरवाजा पर कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह ने पूजा-अर्चना की। पूरी यात्रा के दौरान श्जय जिनेंद्रश् के नारों से माहौल गूंजता रहा।
बैंड-बाजों के साथ निकली टोली
गजरथ यात्रा में महाराष्ट्र का नादली बैंड और राजस्थान के उदयपुर का बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। अलग-अलग ग्रुप के सदस्य और महिलाएं विशेष वेशभूषा में मंगल गीत गाते हुए चल रहे थे। इस मौके पर शहर की तमाम मंदिर समितियों के पदाधिकारी और विद्वान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आचार्य श्री ने दिया शांति का संदेश
धर्मसभा में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि दुनिया की हर चीज में शांति है, बस इंसान को अपने भीतर झांकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो होना है वह होकर रहता है, इसलिए हमें हालात को बदलने की जगह खुद को बदलना चाहिए। आचार्य श्री ने लोगों को राग-द्वेष छोड़कर सभी जीवों के प्रति दया भाव रखने की सीख दी।