नीमच। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीमच ने अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम हेतु सतर्कता बरतते हुए शहर की गाडोलिया बस्ती में कार्रवाई कर दो नाबालिग बालिकाओं का विवाह रुकवाया।
यह कार्रवाई मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में की गई।
जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल को जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण कुमार को प्राप्त सूचना के आधार पर टीम गाडोलिया बस्ती पहुंची, जहां जांच के दौरान दो नाबालिग बालिकाओं के विवाह की तैयारियां पाई गईं। तत्पश्चात जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या को सूचना दी गई, जिस पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस एवं अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
टीम ने बालिकाओं के परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी और उनसे लिखित शपथ पत्र लिया कि वे 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले विवाह नहीं करेंगे, अन्यथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, राजस्व विभाग और विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त टीम द्वारा आवश्यक पंचनामा तैयार कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण कुमार ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सहयोग करें।