BREAKING NEWS
BIG NEWS : जुए के किंग पर नीमच सिटी पुलिस का शिकंजा,.. <<     BIG REPORT : मैदान में उतरे कलेक्टर दिव्यांक सिंह,.. <<     BIG NEWS : नशे के सौदागर पर नीमच केंट पुलिस का.. <<     SHOK SAMACHAR : एक माह पहले बजी थीं शहनाइयाँ, आज गूंज.. <<     BIG REPORT : मंदसौर मेडिकल कॉलेज की बड़ी उपलब्धि, पहली.. <<     KHABAR : शिशु रोग विभाग ने आयोजित किया ओआरएस.. <<     KHABAR : पीएचई विभाग ने जल जागरूकता अभियान के तहत.. <<     KHABAR : इंडियन आर्मी से सेवानिवृत्त हुए दिनेश.. <<     REPORT : औषधि नियमों के उल्लंघन पर खाद्य एवं औषधि.. <<     KHABAR : कसरावद थाने में 39 जब्त वाहनों की नीलामी,.. <<     BIG NEWS : मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी में मोबाइल.. <<     KHABAR : यात्री परिवहन विजन समिट-2026, सीएम डॉ. मोहन.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले में मेघों की रफ्तार धीमी, पिछले.. <<     खरगोन में 'नशे से दूरी है ज़रूरी–2.0' अभियान का.. <<     VIDEO NEWS: नीमच की बड़ी खबरें,दिनभर की हर बड़ी अपडेट.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
April 21, 2026, 10:39 am
BIG NEWS : एक साल में बदली किस्मत, गांधी सागर में ‘प्रभास-पावक’ बने जंगल के नए बादशाह, संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता, नए माहौल में ढले चीते, पढे़ खबर 

Share On:-

मंदसौर। गांधी सागर अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। यहां रह रहे दो चीतों ‘प्रभास’ और ‘पावक’ ने अपने नए आवास में एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, इन दोनों चीतों को 20 अप्रैल 2025 को राज्य सरकार के चीता प्रोजेक्ट के तहत अभयारण्य में छोड़ा गया था। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में जैव विविधता को बढ़ावा देना और वन्यजीवों के पुनर्वास को मजबूत करना था।

पिछले एक साल में दोनों चीतों ने नए वातावरण में खुद को अच्छी तरह ढाल लिया है। वन विभाग के अनुसार ‘प्रभास’ और ‘पावक’ पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी गतिविधियां सामान्य रूप से देखी जा रही हैं।

चीतों की सुरक्षा और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। जीपीएस कॉलर और ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से उनके मूवमेंट, खान-पान और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य में अन्य पुनर्वास परियोजनाओं को भी नई दिशा मिलेगी।

वन विभाग को उम्मीद है कि आने वाले समय में ये चीते यहां स्थायी रूप से बसेंगे और गांधी सागर अभयारण्य चीतों के लिए एक सुरक्षित आवास के रूप में विकसित होगा।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE