नीमच। जिले की नगर परिषद सिंगोली एक बार फिर विवादों में घिर गई है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी अधूरी देने और तथ्यों को छुपाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में एक शिकायत कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंची है, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रार्थी अशोक कुमार लबाना ने आरोप लगाया कि उन्होंने 12 फरवरी 2026 को संपत्ति आईडी से संबंधित नामांतरण प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी। लेकिन नगर परिषद द्वारा 16 अप्रैल को केवल औपचारिकता निभाते हुए महज तीन पृष्ठ उपलब्ध कराए गए। उनका आरोप है कि महत्वपूर्ण दस्तावेज जानबूझकर छुपाए गए, जिससे उन्हें गुमराह किया गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त संपत्ति आईडी के आधार पर संदिग्ध परिस्थितियों में फर्जी रजिस्ट्री होने की आशंका है। खास बात यह है कि जिस व्यक्ति के नाम संपत्ति दर्ज बताई जा रही है, उसके नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में कोई भूमि दर्ज नहीं है। ऐसे में बिना ठोस दस्तावेजों के संपत्ति आईडी जारी होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रार्थी ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई पूरी जानकारी उपलब्ध कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।