झाबुआ। शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में एवं अन्य संचार माध्यमों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर जिले में खुले बोरवेल/ट्यूबवेल निजी भूमि या सरकारी भूमि पर स्थित भू-स्वामी एवं शासकीय संस्था द्वारा बोरवेल/ट्यूबवेल अनुपयोगी होने पर उसे खुला छोड़ दिया जाता है इस गम्भीर लापरवाही के कारण बच्चे/पशु के बोर में गिर जाने की घटना घटित होने की प्रबल आशंका बनी रहती है।
उक्त घटनाओं की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झाबुआ जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश किया। बोर खनन करते समय भूमि स्वामी एवं बोर खननकर्ता किसी भी स्थिति में बोर का मुख खुला नहीं छोड़ेगा, जिन बोरवेल में पानी नहीं है तथा जिन्हें उपयोग में नहीं लाया जा रहा है उन बोरवेल को भूमि स्वामी/मकान मालिक/संस्था प्रमुख खुला नहीं रखेगें, भूमि स्वामी/मकान मालिक/संस्था प्रमुख समस्त बोरवेल को लोहे की प्लेट/सीमेंट या मजबूत केप से बंद किए बिना नहीं रखेगें।
चूंकि यह आदेश जन साधारण की सुविधा हेतु तत्काल प्रभावशील किया जाना आवश्यक हो गया है इसलिए इतना समय उपलब्ध नहीं है कि जन सामान्य व सभी पक्षों को उक्त सूचना की तामिली की जा सके, यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के अंतर्गत एकपक्षीय पारित किया जाता है आदेश का उल्लघंन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 223 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।
इस आदेश की सूचना सर्व साधारण को क्षेत्र में दी जाये ग्रामीण क्षेत्रों में डोडी पिटवा कर इसकी सूचना दी जाये, इसके अतिरिक्त सर्व साधारणजनों की जानकारी के लिए आदेश की प्रति जिला कार्यालय, समस्त नगर पालिका, नगर पंचायत, जनपद पंचायत, समस्त तहसील कार्यालय, समस्त पुलिस थानों के नोटिस बोर्ड पर एवं सहगोचर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर प्रदर्शित की जाये।
यदि इस आदेश के उल्लघंन की जानकारी किसी नागरिक के संज्ञान में आती है तो वह अविलंब इसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी/कार्यपालिक दण्डाधिकारी/थाना प्रभारी अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से खुले बोर के फोटोग्राफ एवं स्थान की जानकारी के साथ मोबाईल नंबर- 9926557806 पर देगें। सूचना देने वाले व्यक्ति की जानकारी गुप्त रखी जायेगी यह आदेश 19 अप्रैल 2026 से 19 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा।