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April 22, 2026, 11:34 am
KHABAR : कर्ज चुकाने के बाद भी किसान के खाते से कटे ₹78 हजार, कलेक्टर से की श्डबल कटौती की शिकायत, सोसाइटी कंप्यूटर ऑपरेटर पर पहले भी किसान से रिश्वत मांगने के लग चुके हैं आरोप, पढे़ मुकेश अहिरवार की खबर

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शाजापुर जिले कि सहकारी साख संस्था ग्राम मंगलाज पर कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा किसान से रिश्वत मांगने के आरोप के बाद एक बार फिर ग्राम मंगलाज सोसाइटी पर सवालिया निशान खड़े हुए हैं। ताजा मामला चौकी हिदायतपुर के एक किसान का है जहां किसान ने बैंक सोसाइटी पर गेहूं भुगतान में से श्डबल कटौतीश् करने का गंभीर आरोप लगाया है। किसान ने जिला कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर अपनी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की गुहार लगाई है।


पीड़ित किसान नंदकिशोर पाटीदार ने बताया कि उन्होंने खेती के लिए बैंक सोसाइटी मंगलाज से खाद-बीज हेतु ऋण लिया था। किसान का दावा है कि उन्होंने 28 मार्च 2026 को ही अपने हिस्से का पूरा बकाया ₹92,550/- नकद जमा कर दिया था, जिसकी आधिकारिक रसीद भी उनके पास मौजूद है।विवाद तब शुरू हुआ जब किसान ने ई-उपार्जन के माध्यम से अपनी 61 क्विंटल गेहूं की फसल बेची। मालवा वेयर हाउस में तुलाई के बाद किसान का कुल भुगतान ₹1,60,125/- बनना था। लेकिन जब भुगतान की बारी आई, तो सोसाइटी मैनेजर ने उनके बिल से ₹78,842/- की राशि यह कहकर काट ली कि यह कर्ज का पैसा है। किसान ने पूर्व में जमा की गई रसीदें भी दिखाईं, लेकिन मैनेजर ने उनकी एक न सुनी और मनमाने ढंग से कटौती कर दी।


किसान ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में स्पष्ट किया है कि एक बार कर्ज चुकाने के बाद दोबारा उसी खाते से पैसे काटना सरासर अन्याय और प्रशासनिक त्रुटि है। किसान ने अपने आवेदन के साथ बैंक विवरण और भुगतान की रसीदें संलग्न करते हुए मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। नियम विरुद्ध काटी गई ₹78,842/- की राशि तत्काल उनके बैंक खाते में वापस की जाए।


लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। यह मामला जिले के अन्य किसानों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि उपार्जन के समय अक्सर किसानों को इस तरह की तकनीकी या प्रबंधकीय गड़बड़ियों का सामना करना पड़ता है।

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