नीमच। मालवा-मेवाड़ के प्रसिद्ध सूफी संत हजरत शहाबुद्दीन बाबा (रह.) के 131वें चार दिवसीय राष्ट्रीय कौमी एकता उर्स के अवसर पर दरगाह परिसर में सूफियाना कव्वाली की महफिल देर रात तक खूब जमी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे और बाबा के आस्ताने पर चादर पेश कर अमन-चैन की दुआ मांगी गई।
दरगाह कमेटी अध्यक्ष मुन्ना दुर्रानी ने बताया कि उर्स के तहत 23 अप्रैल गुरुवार को मेहफिल-ए-शमां का आयोजन किया गया, जिसमें कव्वाल निसार एहसान चिश्ती (चित्तौड़गढ़) एवं कमर वारसी (देवा शरीफ) कव्वाल पार्टी ने सूफियाना कलाम प्रस्तुत किए। “भर दो झोली मेरी ताजदार-ए-मदीना”, “मेरे शहाबुद्दीन बाबा आज दूल्हा बने हैं”, “मेरे बाबा शहाबुद्दीन” सहित कई कलामों ने माहौल को रूहानी बना दिया।
कार्यक्रम में चादर शरीफ पेश कर जायरीनों ने अकीदत के फूल अर्पित किए तथा देश में अमन-चैन की दुआ मांगी गई। इसके बाद तबर्रुक एवं लंगर का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध सूफी संत हजरत वकीलउद्दीन मियां जी सरकार (मंदसौर), प्रतापगढ़ देवल्दी के समाजसेवी एवं भाजपा नेता अनीश लाला का कमेटी द्वारा स्वागत किया गया। सदर मुन्ना दुर्रानी एवं खजांची जाहिद कादरी ने उन्हें साफा बांधकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में हमीद कादरी, हाजी जाहिद, जाकिर कुरैशी, आरिफ भाई, ठेकेदार इम्तियाज, शाहरुख, आफताब, फरीद उर्फ मुन्ना भाई, अनवर खान सहित दरगाह कमेटी के सदस्य, बाहर से आए सूफी संत एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।