चेन्नई/चित्तौड़गढ़। राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश की प्रेरणा से अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच द्वारा गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध एवं गौ माता को “राष्ट्रमाता” घोषित करने की मांग को लेकर देशव्यापी ज्ञापन अभियान आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर संत कमल मुनि कमलेश ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति का आधार है और धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गौ-हत्या की घटनाएं जनभावनाओं को आहत करने के साथ-साथ भारतीय संविधान की मूल भावना के भी विपरीत हैं।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 27 अप्रैल 2026 को प्रातः 11 बजे देश के 18 राज्यों में एक साथ राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार एवं जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
पूरे भारत में गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु एक समान केंद्रीय कानून लागू किया जाए।
गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर विधिक मान्यता देते हुए “राष्ट्रमाता” घोषित किया जाए।
गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सशक्त नीति एवं प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।
गौ-तस्करी एवं अवैध वध पर कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएं।
दिवाकर मंच महिला शाखा की वरिष्ठ कार्यकर्ता सरला खाबिया ने कहा कि यह अभियान केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह संवैधानिक दायित्व (अनुच्छेद 48 एवं 51(क)), पर्यावरण संरक्षण, कृषि उन्नयन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण से भी जुड़ा हुआ है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच की वरिष्ठ सदस्य प्रेमलता जैन ने देशवासियों एवं विभिन्न संस्थाओं से अपील की है कि वे 27 अप्रैल को जिला एवं तहसील स्तर पर संबंधित कार्यालयों में जाकर ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।