उज्जैन। इन दिनों भीषण गर्मी का असर साफ नजर आ रहा है। शनिवार को शहर का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तेज गर्मी के बीच मंदिरों में विराजित देवी-देवताओं की सेवा में विशेष सावधानी और श्रद्धा दिखाई दे रही है। भगवान को गर्मी से राहत देने के लिए अलग-अलग उपाय किए जा रहे हैं।
सांदीपनि आश्रम में विशेष भोग
सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली पर विशेष शीतल सेवा की जा रही है। पुजारी परिवार के अनुसार भगवान को दही, छाछ, श्रीखंड, तरबूज और आम जैसे ठंडे भोग अर्पित किए जा रहे हैं। यह प्रसाद श्रीकृष्ण, बलराम, सुदामा और गुरु सांदीपनि को समर्पित होता है।
गोपाल मंदिर में चंदन लेप और ठंडे पेय
गोपाल मंदिर में भी भगवान की दिनचर्या मौसम के अनुसार बदली गई है। भगवान को प्रतिदिन केसर और कपूर मिलाकर चंदन का शीतल लेप लगाया जा रहा है। भोग में केरी का पना, लस्सी और छाछ अर्पित की जा रही है।
इस्कॉन मंदिर में 30 किलो चंदन से सेवा
इस्कॉन मंदिर उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को ठंडक देने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यहां एसी के साथ उड़ीसा के मलय पर्वत से लाए गए चंदन का लेप लगाया जा रहा है। प्रतिदिन करीब 30 किलो चंदन तैयार कर भगवान को अर्पित किया जाता है।
महाकालेश्वर मंदिर में 11 मटकियों से शीतलता
महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की सेवा में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। गर्भगृह में 11 मटकियां स्थापित की गई हैं, जिनमें 11 पवित्र नदियों का जल भरा जाता है। वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से यह परंपरा विधिवत शुरू हो चुकी है।
भीषण गर्मी के बीच उज्जैन के मंदिरों में श्रद्धा और सेवा का यह अनूठा स्वरूप भक्तों को आकर्षित कर रहा है।