चित्तौड़गढ़। मंदिर में वीआईपी संस्कृति और सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार को लेकर श्रद्धालुओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है। लाखों श्रद्धालु यहां अपनी आस्था और मनोकामनाओं के साथ दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन हाल के दिनों में व्यवस्थाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आ रही हैं।
श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर परिसर में कुछ स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सेवा के बजाय दबाव और अनुशासन के नाम पर कठोर व्यवहार का माध्यम बनती जा रही है। दर्शन के दौरान भीड़ नियंत्रण के नाम पर धक्का-मुक्की और अभद्र भाषा के प्रयोग की शिकायतें भी सामने आई हैं।
रतलाम से आए एक दंपति ने बताया कि गर्भगृह के निकट दर्शन के दौरान उन्हें सुरक्षा कर्मियों द्वारा डांट-फटकार और धक्का देकर आगे बढ़ा दिया गया। वहीं, उदयपुर से आए एक परिवार ने आरोप लगाया कि दर्शन के दौरान बच्चों के सामने ही उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिससे वे आहत हुए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में दर्शन के लिए आने वाला प्रत्येक व्यक्ति घंटों प्रतीक्षा करता है और केवल कुछ क्षण भगवान के दर्शन करना चाहता है, लेकिन इस दौरान यदि अनुचित व्यवहार होता है तो यह आस्था को ठेस पहुंचाने वाला है।
अब श्रद्धालु मंदिर प्रशासन से बेहतर व्यवस्था, संवेदनशील व्यवहार और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं, ताकि मंदिर की पवित्रता और भक्तों की आस्था बनी रहे।