मनासा। नगर में संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित “प्रमुख जन गोष्ठी (मातृशक्ति)” कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की उल्लेखनीय एवं सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। मातृशक्ति, युवाशक्ति एवं प्रबुद्धजनों की उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायी और उत्साहपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत रूप से किया गया। इसके पश्चात वातावरण राष्ट्रभक्ति और संगठन भावना से ओत-प्रोत हो गया।
मुख्य वक्ता डॉ. माला सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ ने अपने सतत सेवा कार्य, संगठन क्षमता और संस्कार निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण एवं निर्णायक भूमिका निभाई है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में समाज के समग्र परिवर्तन के लिए “पंच परिवर्तन” अत्यंत आवश्यक हैं, जिनमें व्यक्ति, परिवार और समाज स्तर पर सकारात्मक बदलाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह परिवर्तन केवल विचारों तक सीमित न रहकर व्यवहार और जीवनशैली में भी दिखाई देना चाहिए।
डॉ. ठाकुर ने संघ की आगामी संगठनात्मक योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य सशक्त रूप से प्राप्त किया जा सकता है। विशेष रूप से मातृशक्ति और युवाशक्ति की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने आयोजन को समाज में सकारात्मक ऊर्जा एवं संगठनात्मक जागरूकता बढ़ाने वाला बताया।