नीमच। जिले में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए बेजुबान पशु-पक्षियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से ज्ञानोदय इंटरनेशनल स्कूल द्वारा मंगलवार को विद्यार्थियों को पक्षियों के लिए मिट्टी के सकोरे वितरित किए गए।
विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा चौरसिया ने कहा कि भीषण गर्मी के कारण पानी एवं दाने के अभाव में कई पक्षियों की मृत्यु हो जाती है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, आंगन एवं आसपास ऐसे स्थानों पर पानी के सकोरे रखने चाहिए, जहां पक्षियों की आवाजाही रहती हो।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पशु-पक्षी अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते, इसलिए समाज का दायित्व है कि उनके लिए पेयजल एवं दाना-पानी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने घरों, छतों, आंगनों तथा सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से पानी एवं दाना रखें।
विद्यालय द्वारा 600 से अधिक छात्र-छात्राओं को पक्षियों के पेयजल एवं दाना-पानी प्रबंधन हेतु मिट्टी के सकोरे वितरित किए गए। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने अपने घरों की छतों तथा आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने का संकल्प भी लिया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के इस दौर में पक्षियों के लिए पानी और दाना जीवनदायिनी सिद्ध हो सकते हैं। सभी को पेड़-पौधों एवं पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण एवं जीव दया की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। विद्यालय के शिक्षकों सहित सभी उपस्थितजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक सामाजिक अभियान बताया।