सिंगोली। परम पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का सोमवार को सिंगोली से धनगांव की ओर विहार हुआ। उन्होंने सिंगोली में एक माह से अधिक समय तक प्रवास कर धर्म प्रभावना की।
मुनिश्री का नगर आगमन पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के दौरान हुआ था। उनके सानिध्य में प्रतिदिन प्रवचन, पूजन, स्वाध्याय सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए, जिनमें सिंगोली व आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। उनके प्रवचनों ने समाजजनों को संयम और अहिंसा का संदेश दिया।
सोमवार सुबह विहार के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग व युवा बड़ी संख्या में उनके साथ पैदल चले। नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पाद-प्रक्षालन कर मंगल आरती उतारी और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। सैकड़ों श्रद्धालु नगर की सीमा तक मुनिश्री को विदा करने पहुंचे और भावभीनी विदाई दी।
मुनिश्री का विहार मेवाड़ प्रांत की ओर धर्म प्रभावना के उद्देश्य से जारी रहेगा। उनके सानिध्य में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मंदसौर में विशेष कार्यक्रम प्रस्तावित है।