मंदसौर। शहर के व्यस्ततम सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था में किए गए बदलाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। प्रशासन द्वारा यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से चौराहे का सर्कल हटाकर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन इस निर्णय के विरोध में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि सड़क पर उतर आए हैं।
नई व्यवस्था के तहत अफीम गोदाम रोड, नई आबादी और संजीत नाका की ओर जाने वाले लोगों को अब सीधे मार्ग के बजाय सिटी क्राउन होटल या महाराणा प्रताप चौराहा होकर जाना पड़ रहा है। इससे दूरी बढ़ने के साथ अन्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ गया है।
भीषण गर्मी में सड़क पर धरना-
जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता और आमजन सोमवार सुबह से ही चौराहे पर धरने पर बैठे हुए हैं। सोमवार शाम प्रदर्शन समाप्त होने के बाद मंगलवार सुबह फिर विरोध शुरू हो गया। करीब 40 डिग्री तापमान की गर्मी के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर प्रशासन के फैसले का विरोध कर रहे हैं।
दुर्घटना और जाम की आशंका-
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सर्कल को छोटा करने और बैरिकेड लगाने से चौराहे पर जाम की स्थिति बन रही है तथा दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त योजना और जनसुनवाई के यह निर्णय लिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक बैरिकेड हटाकर पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, उनका विरोध जारी रहेगा।
जनप्रतिनिधियों पर सवाल-
जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक इस मार्ग से गुजरते हैं, बावजूद इसके समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा, “हम जनता के हित में गैर-राजनीतिक रूप से यहां बैठे हैं। जब तक बैरिकेड नहीं हटाए जाते, हमारा विरोध जारी रहेगा।