नीमच। जिले में डेंगू और मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। बताया गया है कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है, जो दिन में सक्रिय रहता है। अधिकांश मामलों में डेंगू का उपचार संभव है, लेकिन समय पर सावधानी और जांच बेहद जरूरी है।
मच्छरों के पनपने से बचाएं
डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। छत पर रखी टंकियों को ढककर रखें, कूलर, गमले, टूटे बर्तन, टायर, कुल्हड़ आदि में पानी जमा न होने दें। नियमित साफ-सफाई बनाए रखें।
बचाव के उपाय
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मच्छरों से बचाव के लिए मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का उपयोग करें। घर के अंदर और आसपास पानी जमा न होने देना ही सबसे प्रभावी उपाय है।
डेंगू के लक्षण
डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी, आंखों में दर्द और शरीर में सूजन शामिल हैं। गंभीर स्थिति में पेट दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, सांस लेने में तकलीफ और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बुखार होने पर क्या करें
बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें। मलेरिया की पुष्टि होने पर पूरा उपचार लें। शासकीय अस्पतालों में मलेरिया जांच और उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।