मंदसौर। जिले के पिपलियामंडी में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर राजपूत समाज द्वारा भव्य वाहन रैली निकाली गई। नगर कांग्रेस कमेटी एवं मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस द्वारा फुलेबा चौराहे पर रैली का जोरदार स्वागत किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली में शामिल समाजजनों एवं युवाओं पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह एवं गौरव का वातावरण बना रहा।
मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप सिसोदिया राजवंश के महान शासक थे। उनका नाम इतिहास में वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम एवं दृढ़ संकल्प के लिए सदैव अमर रहेगा।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने मुगल बादशाह अकबर की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की तथा वर्षों तक संघर्ष कर स्वाभिमान एवं स्वतंत्रता की रक्षा की। अंततः अकबर भी उन्हें झुकाने में असफल रहा। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप का संघर्ष आगे चलकर छत्रपति शिवाजी महाराज सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणास्रोत बना।
प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त सचिव मुकेश पोरवाल ‘निडर’ ने कहा कि महाराणा प्रताप (1540-1597) मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश के 54वें शासक थे। उन्होंने मुगलों के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बजाय संघर्ष का मार्ग चुना। वर्ष 1572 में गोगुंदा में राज्याभिषेक के बाद उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध सहित कई युद्धों में अकबर की सेना को कड़ी टक्कर दी।
उन्होंने चावंड को अपनी राजधानी बनाकर मेवाड़ के पुनर्निर्माण का कार्य किया तथा विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया।
इस अवसर पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उणियारा, नेता प्रतिपक्ष सरफराज मेव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल बोराना, कमल परसिंधिया, भूपेंद्र महावर, किशनलाल चौहान, अनिता खोखर, दिलीप मोहनलाल गुप्ता, विष्णु ररोतिया, अनिल उस्ताद, छोटेलाल सैनी, पार्षद बाबू भाई मंसूरी, अशोक कोहली, रामप्रसाद पोरवाल एवं मोतीलाल जाधव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं समाजजन उपस्थित रहे।