नीमच। महाराणा प्रताप केवल एक महान शासक ही नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और वीरता के जीवंत प्रतीक हैं। उनका जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पण की प्रेरणा देता है। महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्र समर्पण की अमर गाथा है।
नीमच में मेवाड़ के वीर शासक महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह परिहार ग्वालटोली चौराहा स्थित प्रतिमा स्थल पर पहुंचे और राजपूत समाज के पदाधिकारियों के साथ महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान विधायक परिहार ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रताप ने कभी भी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और जीवनभर संघर्ष करते हुए स्वाभिमान की रक्षा की। उनके आदर्श आज भी समाज को एकजुट होकर अपने धर्म, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की रक्षा करने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।