नीमच। आत्मविश्वास, साहस और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत दृश्य उस समय देखने को मिला, जब भारत विकास परिषद् शाखा नीमच द्वारा आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क आत्मरक्षा एवं खेलकूद शिविर के समापन समारोह में नगर की बेटियों ने लाठी एवं तलवार संचालन का शानदार प्रदर्शन किया। सीएसवी अग्रोहा भवन में आयोजित कार्यक्रम में बालिकाओं के शौर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शिविर में 150 से अधिक बालिकाओं ने भाग लेकर आत्मरक्षा के विभिन्न गुर सीखे। उज्जैन की प्रशिक्षिका पूजा चित्तोड़ा एवं उनकी सहयोगी समृद्धि चित्तोड़ा, कनिष्का जायसवाल और सलोनी कुशवाह के मार्गदर्शन में बालिकाओं ने आधुनिक सेल्फ डिफेंस तकनीकों के साथ पारंपरिक शस्त्र संचालन का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में नायशा खंडेलवाल ने महारानी लक्ष्मीबाई, स्वस्ति धनोतिया ने स्वामी विवेकानंद, मनस्वी राज चंद्रावत ने छत्रपति शिवाजी और आयुषी अग्रवाल ने अहिल्याबाई का स्वरूप धारण कर देशभक्ति एवं प्रेरणा का संदेश दिया। परिषद् की वरिष्ठ सदस्या सुचित्रा परिहार ने भी तलवार संचालन का प्रदर्शन कर सभी को रोमांचित कर दिया।
मुख्य अतिथि निर्मल जैन ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों का आत्मनिर्भर और आत्मरक्षक होना अत्यंत आवश्यक है। परिषद् अध्यक्ष पुरुषोत्तम गुप्ता ने कहा कि यह शिविर केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि बेटियों में आत्मविश्वास और साहस जागृत करने का अभियान है।
शिविर संयोजिका मीना जायसवाल ने बताया कि तीन दिनों तक चले छह सत्रों में बालिकाओं को अनुशासन, आत्मरक्षा एवं शारीरिक सशक्तिकरण का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में स्वाति गौरव चोपड़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं मातृशक्ति उपस्थित रही। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी बालिकाओं को प्रशंसा पत्र एवं लाठियां भेंट कर सम्मानित किया गया। राष्ट्रगान एवं स्वल्पाहार के साथ समारोह का गरिमामयी समापन हुआ।