खनियांधाना। प्रशासन की अनदेखी और तुलाई केंद्रों पर जारी भ्रष्टाचार से परेशान किसानों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। मंगलवार की देर शाम आक्रोशित किसानों ने गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों को कृषि उपज मंडी खनियांधाना के सामने मुख्य सड़क पर आड़ा खड़ा कर चक्काजाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।
तुलाई प्रभारियों पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप
चक्काजाम कर रहे किसानों ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। किसानों का सबसे बड़ा और गंभीर आरोप केंद्रों पर हो रही अवैध वसूली को लेकर है। किसानों के अनुसार, केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से लेबर द्वारा 20 से 40 रुपये प्रति क्विंटल की मांग की जा रही है। बिना श्सुविधा शुल्कश् दिए किसानों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है और उन्हें कभी नंदनवारा तो कभी मुहारी केंद्र के चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
प्रशासन को सीधी चेतावनी
किसानों का कहना है कि एक तरफ स्लॉट की समय सीमा निकल रही है, वहीं दूसरी तरफ खुलेआम रिश्वत का खेल चल रहा है। तपती धूप और रातों की थकान झेल रहे अन्नदाता ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अब कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। यदि तत्काल खनियाधाना मंडी में सुचारू रूप से तुलाई शुरू नहीं हुई और अवैध वसूली करने वाले प्रभारियों पर गाज नहीं गिरी, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। अब गेंद प्रशासन के पाले में है कि वे इन श्रिश्वतखोरश् प्रभारियों पर क्या कार्रवाई करते हैं।