नीमच। शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती और डीपी फॉल्ट की घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने विद्युत वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष मुकेश कालरा ने आरोप लगाया कि पूर्व में मेंटेनेंस के नाम पर की गई घंटों की बिजली कटौती केवल खानापूर्ति साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि पिछले माह विद्युत कंपनी द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 4 से 5 घंटे तक बिजली बंद रखकर मेंटेनेंस कार्य किए जाने का दावा किया गया था। उस समय उपभोक्ताओं ने गर्मी में परेशानियां झेलते हुए सहयोग भी किया, लेकिन इसके बावजूद पिछले 15 दिनों से लगातार शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली गुल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
मुकेश कालरा ने कहा कि वर्तमान में न तो मानसून शुरू हुआ है और न ही कोई बड़ा तूफान आया है, इसके बावजूद बार-बार बिजली बाधित हो रही है। शिकायत केंद्र पर उपभोक्ताओं को संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। 1912 शिकायत नंबर पर केवल फॉल्ट होने की बात कहकर जवाब दे दिया जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब लाइन और डीपी का मेंटेनेंस पहले ही किया जा चुका था तो फिर कुछ ही दिनों में कई डीपी में आग लगने और फॉल्ट की घटनाएं क्यों हो रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि मेंटेनेंस कार्य मानक स्तर का नहीं किया गया।
कालरा ने कहा कि यदि ट्रांसफार्मर और डीपी नए हैं तो बार-बार आग लगना कहीं न कहीं घटिया सामग्री और खराब तकनीकी कार्य की ओर संकेत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुणवत्ता की बजाय कमीशनखोरी को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर की कई कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी रहती हैं, जिससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी उन्होंने उदासीनता का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि विद्युत वितरण कंपनी शहर की बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार करे, फॉल्ट और कटौती की समस्या का स्थायी समाधान निकाले तथा गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई जाए।