विदिशा। जिले की ग्यारसपुर तहसील के कस्बा बागरोद स्थित प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर को लेकर चल रहा विवाद अब फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। मंदिर के पुजारी परिवार ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर दूसरे पक्ष पर फर्जी तरीके से पुजारी बनने और मंदिर पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया है। परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।
प्रवीण अवस्थी, सपना अवस्थी और अन्य लोगों ने बताया कि यह मंदिर कानूनगो परिवार द्वारा बनवाया गया था और मंदिर की भूमि भी परिवार द्वारा दान की गई थी। परिवार का कहना है कि बुजुर्ग पुजारी सुदामा प्रसाद वर्षों से यहां पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं और वर्तमान में उनकी नातिन सपना अवस्थी मंदिर की देखरेख कर रही हैं।
तनाव और मारपीट की स्थिति बन चुकी
परिवार का आरोप है कि लक्ष्मी नारायण दुबे नामक व्यक्ति ने वर्ष 2024 में कथित रूप से गलत दस्तावेजों के आधार पर खुद को मंदिर का पुजारी घोषित करवा लिया और मंदिर पर कब्जा करने का प्रयास किया। इस विवाद को लेकर पहले भी तनाव और मारपीट की स्थिति बन चुकी है।
शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि कलेक्टर स्तर पर जांच के बाद लक्ष्मी नारायण का दावा निरस्त कर दिया गया था और उन्हें पुजारी पद से हटा दिया गया था। इसके बावजूद अब भी मंदिर में पहुंचकर दबाव बनाने, धमकाने और झूठी शिकायतें करने के आरोप लगाए गए हैं।
दावा- यह निजी मंदिर, भ्रम फैलाया जा रहा
प्रवीण अवस्थी ने कहा कि कुछ लोग मंदिर को शासकीय बताकर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि यह निजी मंदिर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपना अवस्थी को सिर्फ महिला होने के कारण पूजा-अर्चना से रोकने और उनके अधिकार दबाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं 90 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी सुदामा प्रसाद ने भी आरोप लगाया कि उन्हें मंदिर में धमकाया जाता है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार की पीढ़ियां इस मंदिर में पूजा करती आ रही हैं और अब भी वही परंपरा जारी है।
फिलहाल शिकायत के बाद प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई है।