BREAKING NEWS
BIG NEWS : मिलावटी मावा बेचने वाले को न्यायालय ने.. <<     BIG NEWS : एनडीपीएस एक्ट के दो फरार इनामी आरोपी.. <<     BIG REPORT : झाबुआ जिला चिकित्सालय में 19 वर्षीय.. <<     KHABAR : अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर जिला.. <<     KHABAR : राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जिले में पोषण.. <<     KHABAR : जलझूलनी एकादशी पर भक्तिमय हुआ मनासा,.. <<     KHABAR : एड्स से बचाव और नशे के दुष्प्रभावों पर.. <<     BIG NEWS : रामपुरा क्षेत्र में रफ्तार का कहर, पेड़ से.. <<     BIG NEWS : कलेक्टोरेट में जनसुनवाई के दौरान पहुंचे.. <<     KHABAR : सेवा संकल्प अभियान में खेतपालिया में.. <<     KHABAR : जलझूलनी एकादशी पर यादव समाज का भव्य.. <<     BIG REPORT : एसपी के सामने पहुंची जनता की शिकायतें, 74.. <<     KHABAR : दोस्ती और आस्था की अनोखी मिसाल, दो युवाओं.. <<     KHABAR : जलझूलनी ग्यारस पर दूदरसी में निकला भगवान.. <<     REPORT : शामगढ़ में जनसुनवाई में उमड़े आमजन, 35 आवेदन.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
May 16, 2026, 4:25 pm
KHABAR : बीएड की तरह एमएड के लिए बढ़ाई जाए आयु सीमा, शासकीय शिक्षक संगठन ने एमएड के लिए 55 साल की उम्र तय करने उठाई आवाज, पढे़ खबर 

Share On:-

भोपाल। प्रदेश में बीएड और एमएड के लिए आवेदन जमा कराने की कार्यवाही के बीच शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने एमएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 55 वर्ष किए जाने की मांग की है। इसको लेकर संगठन ने राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल को ज्ञापन सौंपकर शासकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं में संचालित एमएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए यह व्यवस्था तय करने की मांग की है।


बीएड में बढ़ चुकी है आयु सीमा
संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने बताया कि वर्तमान में एमएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित है, जबकि पूर्व में बीएड पाठ्यक्रम के लिए आयु सीमा 55 वर्ष तक बढ़ाई जा चुकी है। प्रदेश के अनेक शिक्षक एवं शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी, जो शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव रखते हैं, केवल आयु सीमा के कारण एमएड पाठ्यक्रम में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं।


संगठन ने मांग की है कि बीएड की भांति एमएड पाठ्यक्रम में भी प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष तय की जाए, ताकि अधिक से अधिक इच्छुक शिक्षक एवं कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता में वृद्धि कर सकें। इससे विभाग को भी प्रशिक्षित एवं अनुभवी मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।


शासकीय शिक्षक संगठन ने राज्य शिक्षा केन्द्र से शिक्षक हित एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र कार्यवाही करने का आग्रह किया है।


 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE