दूदरसी। आस्था और विश्वास जब मन में दृढ़ संकल्प बन जाए तो मुश्किल से मुश्किल राह भी आसान लगने लगती है। कुछ ऐसा ही उदाहरण रेवली-देवली और खानखेड़ी गांव के दो युवा दोस्तों ने पेश किया। दोनों ने करीब 850 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर गुजरात स्थित द्वारकाधीश मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। 22 दिनों तक चली इस यात्रा के बाद जब दोनों अपने-अपने गांव लौटे तो ग्रामीणों ने ढोल-ढमाकों और बैंड-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
रेवली-देवली निवासी रामबाबू नागदा और खानखेड़ी निवासी राकेश विश्वकर्मा ने द्वारकाधीश के दर्शन का संकल्प लिया और पैदल यात्रा पर निकल पड़े। दोनों मित्रों ने रास्तेभर भगवान का भजन-कीर्तन करते हुए करीब 22 दिनों में यात्रा पूरी की। द्वारकाधीश पहुंचकर दर्शन करने के बाद दोनों ने अपनी यात्रा संपन्न की।
गांव लौटने पर परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने दोनों का ढोल-ढमाकों एवं बैंड-बाजे के साथ स्वागत किया। यात्रा पूरी करने पर ग्रामीणों ने दोनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
पिछले वर्ष खाटू श्यामजी की 400 किमी पैदल यात्रा भी की थी-
दोनों दोस्तों की दोस्ती भी अपने आप में एक संयोग से कम नहीं है। पिछले वर्ष तक दोनों एक-दूसरे को ठीक से जानते तक नहीं थे। अन्य साथियों के सहयोग से दोनों साथ आए और उन्होंने करीब 400 किलोमीटर की पैदल खाटू श्यामजी यात्रा पूरी की थी। इसके बाद इस वर्ष दोनों ने फिर एक साथ लंबी पैदल यात्रा का संकल्प लिया और द्वारकाधीश के दर्शन के लिए निकल पड़े। करीब 850 किलोमीटर का सफर 22 दिनों में पूरा कर दोनों सकुशल अपने गांव लौटे।
दोनों के गांवों के बीच करीब 50 किलोमीटर की दूरी है, लेकिन धार्मिक आस्था और दोस्ती ने उन्हें एक साथ लंबी यात्राएं पूरी करने के लिए प्रेरित किया। उनकी इस यात्रा को लेकर ग्रामीणों में भी उत्साह नजर आया और गांव पहुंचने पर उनका स्वागत कर यात्रा के सफल समापन की शुभकामनाएं दी गईं।