जीरन। जीरन थाना क्षेत्र में खेतों से मोटर केबल चोरी की घटनाओं को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का आरोप है कि पिछले 3-4 वर्षों से क्षेत्र में केबल चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन इन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। किसानों ने जीरन पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले में सक्रिय पूरे गिरोह का पता लगाने की मांग की है।
मामला 13 सितंबर 2026 का है। किसानों के अनुसार, अघोरिया गांव में केबल चोरी के आरोपियों को किसानों ने स्वयं घेराबंदी कर पकड़ लिया था और उन्हें जीरन पुलिस के सुपुर्द किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान जीरन थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की।
किसानों ने उठाए नेटवर्क तक पहुंचने के सवाल-
किसानों की मांग थी कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर केबल चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए। साथ ही चोरी की केबल खरीदने वाले कबाड़ियों और अन्य खरीदारों तक भी पुलिस पहुंचे तथा गिरोह में शामिल अन्य लोगों की जानकारी सामने लाई जाए।
किसानों के अनुसार, थाना प्रभारी ने मौके पर उनके बीच बैठकर उनकी बातें सुनी थीं और कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद किसानों ने ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे भी लगाए। हालांकि, किसानों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद मामले में अपेक्षित ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
पुलिस के मुखबिर तंत्र पर किसानों ने उठाए सवाल-
किसानों ने सवाल उठाया कि पुलिस तस्करी के मामलों में आरोपियों के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए मुखबिर तंत्र का उपयोग करती है, लेकिन लंबे समय से जारी केबल चोरी के मामलों में चोरी का माल खरीदने वालों और पूरे नेटवर्क तक पुलिस क्यों नहीं पहुंच पा रही है। किसानों का कहना है कि जब पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई तो उन्होंने स्वयं घेराबंदी कर संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जीरन पुलिस द्वारा केबल खरीदने वाले कुछ व्यापारियों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी। किसानों के अनुसार, इनमें पिपलियामंडी और मल्हारगढ़ क्षेत्र के कुछ व्यापारी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
किसानों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ-
किसानों का कहना है कि खेतों में सिंचाई के लिए मोटर और केबल जरूरी संसाधन हैं। बार-बार केबल चोरी होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है। किसानों ने कहा कि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उनमें असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
किसानों ने जिला पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि जीरन क्षेत्र में सक्रिय केबल चोरी के गिरोह का पता लगाकर चोरी की घटनाओं पर रोक लगाई जाए। साथ ही चोरी का माल खरीदने वालों की भूमिका की भी जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।