मनासा। नगर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी डोल ग्यारस (जलझूलनी एकादशी) का पर्व हर्षाेल्लास और धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पूरा नगर भक्तिमय नजर आया। विभिन्न मंदिरों से भगवान के विमान (डोल) निकाले गए, जिनका जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
बद्री विशाल मंदिर से शुरू हुआ नगर भ्रमण-
उत्सव के तहत नगर के विभिन्न मंदिरों से भगवान के विमान एकत्र होकर नगर नायक श्री बद्री विशाल मंदिर पहुंचे। यहां से सभी विमान ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच एक साथ नगर भ्रमण के लिए रवाना हुए। भगवान के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु विमानों के साथ चल रहे थे।
जगह-जगह आरती और पुष्प वर्षा-
चल समारोह बड़ा बाजार, सदर बाजार, सब्जी मंडी, पुराना शासकीय चिकित्सालय, बस स्टैंड और कारगिल चौराहा होते हुए मंदसौर रोड से राम तलाई पहुंचा। मार्ग में नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भगवान के विमानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने आरती उतारी और फल-फूल का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
राम तलाई पर जलाभिषेक और महाआरती-
विमानों के राम तलाई पहुंचने पर परंपरानुसार भगवान का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद सभी विमानों की सामूहिक महाआरती की गई। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को जलझूलनी एकादशी की व्रत कथा का श्रवण कराया गया। कथा समापन के बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
मेले में फव्वारे और झूले रहे आकर्षण-
डोल ग्यारस के अवसर पर राम तलाई पर विशाल मेले का आयोजन भी किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. श्रीमती सीमा अजय तिवारी एवं मुख्य नगर पंचायत अधिकारी के प्रयासों से मेले में आकर्षक रंगारंग फव्वारे लगाए गए। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला-चकरी सहित अन्य व्यवस्थाएं की गईं। मेले और चल समारोह के दौरान सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।