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May 16, 2026, 4:45 pm
KHABAR : शनिचरी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में उमड़ा आस्था का सैलाब, शिप्रा स्नान कर श्रद्धालुओं ने किए शनिदेव के दर्शन, पनोती के रूप में छोड़े जूते-चप्पल, पढे़़ अर्पित बोड़ाना की खबर

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उज्जैन। त्रिवेणी संगम पर शनिचर अमावस्या के नहान के लिए श्रधालुओ का तांता लगा हुआ है। यहाँ सुबह से ही श्रद्धालु पुण्य सलिला शिप्रा नदी के जल से स्नान कर रहे है। स्नान के बाद भगवान शनि देव का पूजन अर्चन किया जा रहा है। यहाँ देश के कोने कोने से श्रद्धालु स्नान के लिए आए है। उज्जैन के त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर के त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालु स्नान के बाद पनोती के रूप में अपने जूते चप्पल और कपडे घाट पर ही छोड़ रहे है। 


दरअसल उज्जैन के त्रिवेणी संगम में  देर रात से ही श्रद्धालु घाट पर नाहन के लिए पंहुचने लगे। यहां अल सुबह से अब तक हजारों श्रद्धालुओ ने स्नान कर शनिदेव के दर्शन किए। नहान के बाद शनि मन्दिर में तेल दान करने और पूजन के लिए लम्बी लम्बी कतारे देखि गई। उज्जैन में नहान का अपना एक अलग महत्व है।  मान्यता है कि शनि कि दशा सुधारने और पितृ दोषो से मुक्ति के लिए शनिचर अमवस्या पर शिप्रा स्नान से लाभ होता है। यहाँ  के शनि मंदिर में दर्शन पूजन से पहले शिप्रा के जल से नहान किया जाता है साथ ही अपने जूते चप्पल और कपड़ो को घाट पर ही छोड़ दिया जाता है। घाट पर छोड़े गए  जुते चप्पल इतनी ज्यादा मात्र में पनोती के रूप में इक्क्ठा हो जाते है कि प्रशासन को इन सब कि बोली लगाकर बेचना पड़ते है।  घाट पर नहान के लिए प्रशासन ने फव्वारों कि व्यवस्था  कि है साथ ही जगह जगह बेरीगेट भी लगाए गए है। 


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब अमावस्या तिथि शनिवार को आती है तो उस दिन शनिचरी अमावस्या पर्व मनाया जाता है। यही कारण है कि आज यह पर्व मनाया जा रहा है।
 

 

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