चित्तौड़गढ़। शहर के बूंदी मार्ग स्थित हजारेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार को शनि जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए करीब पांच क्विंटल शरबत और 60 किलो गुलाब जामुन का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही और पूरे दिन पूजा-पाठ, दर्शन और प्रसाद वितरण का दौर चलता रहा।
श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति और अच्छे भविष्य की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की।
सुबह अभिषेक में उमड़ी भीड़
श्री महंत चंद्रभारती महाराज ने बताया कि शनि जयंती के मौके पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में शनिदेव का विशेष अभिषेक किया गया। इसके बाद आकर्षक श्रृंगार और झांकी सजाई गई। मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा और श्रद्धालु लगातार दर्शन करने पहुंचते रहे।
इस दौरान शनिदेव को छप्पन भोग अर्पित किया गया। मंदिर समिति की ओर से पूरे आयोजन की व्यवस्था की गई। प्रसाद वितरण और अन्य व्यवस्थाओं में निलेश पटवारी, योगेश सोनी, जुगल माहेश्वरी सहित मंदिर से जुड़े कई लोगों और पंडितों ने सहयोग किया।
पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे।
महंत ने बताया शनि जयंती का महत्व, श्रद्धालुओं को दिए आसान उपाय
महंत चंद्रभारती महाराज ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि जयंती के दिन शनिदेव का अवतरण हुआ था। शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है और कहा जाता है कि वे इंसान को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। उन्होंने बताया कि शनि जयंती के दिन शनिदेव की पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या जैसी परेशानियों से राहत मिलती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को सरसों के तेल का दीपक जलाने और हनुमान जी की पूजा करने की सलाह दी। महंत ने कहा कि शाम के समय पीपल के पेड़ और शमी के पौधे के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
साथ ही दक्षिण दिशा में दीपक जलाने को भी लाभकारी बताया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया।