उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अक्षरवार्ता’ एवं कृष्ण बसंती शैक्षणिक एवं सामाजिक जनकल्याण समिति के सहयोग से दिनांक 18 मई 2026 को वाग्देवी भवन में अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी एवं कृष्ण बसंती अंतरराष्ट्रीय अवार्ड समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह संगोष्ठी “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के परिप्रेक्ष्यरू शिक्षा, साहित्य और संस्कृति” विषय पर केंद्रित होगी, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ भाग लेंगे।
यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलानुशासक एवं हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेन्द्रकुमार शर्मा एवं अक्षरवार्ता अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका के संपादक तथा कृष्ण बसंती शैक्षणिक एवं सामाजिक जनकल्याण समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मोहन बैरागी ने दी।
उन्होंने बताया कि समारोह में देश के दस से अधिक राज्यों के शिक्षाविदों, प्राध्यापकों, संस्कृतिकर्मियों एवं शोधकर्ताओं को कृष्ण बसंती अंतरराष्ट्रीय अवार्ड 2026 से सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन 18 मई, सोमवार को प्रातः 10रू30 बजे वाग्देवी भवन, हिंदी अध्ययनशाला, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाल्मीकि धाम पीठाधीश्वर एवं राष्ट्रीय संत बालयोगी पूज्य उमेशनाथ जी महाराज होंगे। अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज करेंगे।
सारस्वत अतिथि के रूप में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलगुरु प्रो. शिवशंकर मिश्र एवं कुलानुशासक प्रो. शैलेन्द्रकुमार शर्मा उपस्थित रहेंगे।
संगोष्ठी के समन्वयक प्रो. जगदीश चंद्र शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान साहित्य के क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा। इनमें जयश्री उपाध्याय (बड़वाह) का ललित निबंध संग्रह तथा डॉ. मोहन बैरागी का कहानी संग्रह ‘ढाई आखर की खोज’ शामिल है।
राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना, उज्जैन के सहयोग से आयोजित इस संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में ओस्लो (नॉर्वे) से सुरेश चंद्र शुक्ल ‘शरद आलोक’, फिलाडेल्फिया (यूएसए) से डॉ. मीरा सिंह, मॉरीशस से डॉ. सोमदत्त काशीनाथ, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट, भोपाल से डॉ. हरेराम वाजपेयी, इंदौर से शिशिर उपाध्याय, बड़वाह से डॉ. शहनाज शेख (नांदेड़, महाराष्ट्र) सहित अनेक विद्वान भाग लेंगे।
आयोजक संस्थाओं ने इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं युवाओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान किया है।