प्रतापगढ़। शनि अमावस्या के पावन अवसर पर दीपेश्वर तालाब स्थित मुक्ति धाम में विराजमान प्राचीन दादा भैरवनाथ की प्रतिमा का भक्तों द्वारा विधिवत हवन-पूजन किया गया। इसके पश्चात चोला चढ़ाकर ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य आरती की गई तथा प्रसादी का वितरण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में भक्ति और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला।
आस्था का प्रमुख केंद्र बना भैरवनाथ मंदिर-
जिला प्रतापगढ़ में स्थित मसान वाली महाकाली माता मंदिर एवं भैरवनाथ मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से यहां अपनी मनोकामना मांगता है, उसकी इच्छा पूर्ण होती है। मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त प्रसाद अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
पुजारी का बयान-
मंदिर के पुजारी तेजू ने बताया कि इस स्थान पर आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यहां झाड़ा लगवाने से शारीरिक एवं मानसिक कष्टों में राहत मिलती है।
मंदिर निर्माण कार्य जारी-
पुजारी ने जानकारी दी कि मसान वाली महाकाली माता मंदिर का निर्माण कार्य भक्तों के सहयोग से जारी है, जो शीघ्र ही पूर्ण होने की उम्मीद है।