मंदसौर। जिले के ग्राम लखमा खेड़ी में रविवार रात सर्पदंश से 12 वर्षीय बालिका की दर्दनाक मौत हो गई। अंधविश्वास के चलते परिजन समय पर इलाज के लिए अस्पताल न ले जाकर करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे, जिससे मासूम की जान नहीं बच सकी।
जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 8.30 बजे माया (पिता दिलीप चौहान), जो अपने मामा झुझार भील के घर लखमा खेड़ी में रहकर कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत थी, घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान सांप ने उसके पैर के अंगूठे में डस लिया।
आसपास जंगल और कृषि क्षेत्र होने के कारण गांव में जहरीले जीव-जंतुओं की मौजूदगी रहती है। घटना के बाद परिजन बच्ची को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय देव नारायण मंदिर पहुंचे, जहां करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक की जाती रही।
इस दौरान गांव के परमेश्वर माली ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी, जिसके बाद रात करीब 10.30 बजे उसे मंदसौर जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार रात करीब 11 बजे जब बच्ची को जिला अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने सीपीआर देने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर शव परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों के अनुसार मृतका के माता-पिता मजदूरी के लिए राजस्थान के किशनगढ़ गए हुए हैं, जबकि बच्ची लंबे समय से अपने मामा के घर रह रही थी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।