नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जिले के सभी 82 क्षीरधारा ग्रामों में स्वयं सहायता समूहों का गठन कर उन्हें उन्नत पशुपालन गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पशुओं की समुचित देखभाल एवं पशु प्रबंधन पर जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करने पर जोर दिया गया है। यह निर्देश सोमवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित क्षीरधारा ग्राम योजना की अंतरविभागीय समन्वय समिति की समीक्षा बैठक में दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष फोकस-
कलेक्टर ने कहा कि क्षीरधारा ग्राम योजना का मुख्य उद्देश्य जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना है। इसके लिए नस्ल सुधार, उन्नत चारा विकास, पशु प्रबंधन एवं पशुशेड निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता से किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि पशुपालकों को मल्टीकट-मल्टी ईयर चारा बीज किट उपलब्ध कराई जाए, जिससे चारे की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हो सके।
पशुपालकों के लिए केसीसी शिविर आयोजित होंगे-
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गांवों में पशुपालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाने हेतु शिविर लगाए जाएं, ताकि कोई भी पशुपालक इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने एक माह में 1000 नए पशुपालकों को केसीसी उपलब्ध कराने और पुराने सभी केसीसी का शत-प्रतिशत नवीनीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश जिला सहकारी बैंक एवं पशुपालन विभाग को दिए।
शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य-
बैठक में निर्देश दिए गए कि क्षीरधारा योजना के अंतर्गत चयनित सभी 82 ग्रामों में पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जाए। साथ ही वन क्षेत्र से लगे गांवों में विशेष पशु सर्वे कर टीकाकरण अभियान को और प्रभावी बनाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग समन्वित प्रयास कर योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाएं, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।